विद्युत मंत्रालय ने दिनांक 2 जुलाई, 1992 से स्वतंत्र रूप से कार्य करना शुरू किया। इससे पूर्व इसे ऊर्जा स्रोत मंत्रालय के नाम से जाना जाता था। वि़द्युत भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची की सूची-III में प्रविष्टि 38 पर दिया गया समवर्ती सूची का विषय है। विद्युत मंत्रालय प्रमुख रूप से देश में वैद्युत ऊर्जा के विकास के लिए उत्तरदायी है।